दोहे शालिनी शर्मा

शालिनी शर्मा की कविता
छन्द
रात को चाँद दिखाई न दे तो रात को दोष लगाती अमावस,
चांद करे उजियार तो चांदनी देख के शोक मनाती अमावस,
घेर लिया बदरा ने गगन और बूंद के साथ नहाती अमावस, 
बूंद में हर्ष दिया धरती को रात की रानी खिलाती अमावस।।

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