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| अलख भजन संध्या |
एक से एक गजब प्रस्तुति
मौका था कृष्ण जन्माष्टमी पर अलख संस्था द्वारा आयोजित भजन संध्या का जिसका उत्कृष्ट संचालन किया डॉ निवेदिता जी ने
सभी प्रतिभागियों ने एक से एक सुन्दर भजन प्रस्तुत करके आयोजन को भक्तिरस से सराबोर कर दिया और अन्त में संस्था की संस्थापिका पूजा जी ने प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करके मनमोहक कार्यक्रम के समापन की घोषणा की
अपने बच्चे को स्वयं,समय दीजिए आप।
छोटे बच्चों के लिए, मोबाइल है श्राप।।
छोटे बच्चों के लिए,क्या मोबाइल ठीक।
हिंसा और अश्लीलता,है इतनी नजदीक।।
मोबाइल से बढ़ रहा,बच्चों में अवसाद।
लत गन्दी करवा रही,कितने नये फसाद।।
गोपनीयता छीनता,करता पेपर लीक।
विकिरण का ये स्रोत है,ये है बात सटीक।।
जनता तो नादान है,नहीं समझती लूट।
बिना कमाये धन बढ़ा,करो इन्हें सैल्यूट।।
जीडीपी कुछ और है,दिखा रहे कुछ और।
आमदनी किसकी बढ़ी,करियेगा कुछ गौर।।
ब्याज,मुनाफा बढ़ रहा, नेताओं का रोज।
व्यस्त मूर्ख बस देखते रील,सैल्फियां,पोज।।
पेश कर रहे आंकड़े,किसका हुआ विकास।
नेताओं की मौज है,जनता है बे-आस।।
जिस जंगल में आपने,बोये सिर्फ गुलाब।
कांटे तो खुद उग गये,जो चुभ रहे जनाब।।
वो वैभव किस काम का, जिसमें नहीं सुकून।
जिस धमनी में है नशा,पानी है वो खून।।
जिसको सदियां लग रहीं,करने में निर्माण।
उसको पल में तोड़ते,निष्ठुर ये पाषाण।।
क्यों है इतनी कीमती,इक नेता की जान।
जिसपर लाखों ज़िन्दगी,की जायें कुर्बान।।
शालिनी शर्मा









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