17.09.2026 को हिन्दी दिवस पर आयोजित काव्य गोष्ठी में साहित्यकारों ने बहाती काव्य की धारा
काव्य गोष्ठी में उपस्थित साहित्यकारों के गोष्ठी के बारे में विचार
आज के सुंदर और सफल कार्यक्रम के लिए आदरणीय निवेदिता दीदी और सर को हार्दिक-हार्दिक शुभकामनाएं।🌺🌹🌹🌹
निवेदिता जी और आदरणीया सरिता गर्ग जी को बहुत-बहुत बधाई. निवेदिता जी के सहज और सरल स्वभाव ने मुझे उनका कायल बना दिया. उनका अपनत्व भाव किसी को भी क्षण में अपना बना लेने के लिए काफी है.🙏🙏🙏
बेहद खूबसूरत और सफल आयोजन की प्यारी निवेदिता जी और आदरणीय भाई साहब को हार्दिक बधाई
बेहतरीन अनुभव और आयोजन रहा
वरिष्ठ और सम्मानित साहित्यकारों को सुनना बहुत सुन्दर अनुभव रहा
मालती देवी सेवा संस्थान यूं ही अनवरत सेवा कार्यों से जुड़ा रहे, ये कारवां चलता रहे, लोग जुड़ते रहें साहित्य सेवा होती रहे 🙏🏻💐😊
कार्यक्रम बहुत ही व्यवस्थित था जिस पर निवेदिता जी के संचालन ने कार्यक्रम को बेहतर से बेहतरीन कर दिया। सरिता गर्ग जी व्यवस्थाओं के लिए 👍
कार्यक्रम का हिस्सा बनाने के लिए हार्दिक आभार 🙏
आज की काव्य-संध्या में भाग लिया तो वास्तव में दिल बाग-बाग हो गया। एक से सुंदर एक गीत, ग़ज़ल, कविताएं सुनने को मिलीं। काव्य-मनीषियों का इतना सुंदर मंच सजाने व इस कार्यक्रम के बेहतरीन संचालन के लिए डाॅ. निवेदिता शर्मा जी को हार्दिक बधाई। 💐🙏
"मालती देवी सेवा संस्थान" की आज की इस शानदार सफल काव्य गोष्ठी के आयोजन की निवेदिता जी को हार्दिक बधाई। सभी ने बहुत बढ़िया पढ़ा। निवेदिता जी के उम्दा मंच संचालन से निरंतर रोचकता बनी रही। बड़े ही व्यवस्थित ढंग से कार्यक्रम चला। यह मेरी खुशनसीबी कि मुझ नाचीज़ को भी इस बेहतरीन आयोजन का हिस्सा बनने का अवसर मिला। इसके लिए सरिता गर्ग जी और निवेदिता शर्मा जी का हृदय से धन्यवाद। कुछ तस्वीरें साझा कर रहा हूँ,
-नरेन्द्र शर्मा "ख़ामोश"
डा, निवेदिता जी का भव्य रूप में मंच संचालन प्रतिभा, अद्भुत विलक्षण क्षमता पर्याय बन समस्त साहित्यिक विधाओं को आत्म विभोर किया एवं डॉ सरिता जी का अदम्य साहसी परिचायक रुप प्रत्यक्ष प्रेरणा श्रोत बन गया, हृदय से आभार व्यक्त करता रहा हूं, एवं समस्त मनीषियों, बौद्धिक शक्ति युक्त कवित्व परिवार की संगम बेला में एकाग्रचित्त होकर, समस्त कविवर प्रतिभाओं की रचनाओं के द्बारा श्रवण केन्द्रों द्बारा प्रदत्त ध्वनि अन्तर्मन को उद्बेलित भाव भंगिमा से मंत्र मुग्ध होने पर विवश कर दिया, ऐसा दृश्य वर्तमान परिप्रेक्ष्य में बौद्धिक शक्ति युक्त व्यक्तित्वों के माध्यम से समस्त राष्ट्रीय विधाओं को सत्यार्थ भाव स्पष्टीकरण कवि सम्मेलन कराकर मानव मस्तिष्क को जाग्रत कर नवीन दिशा परिवर्तन करने हेतु निरन्तर प्रयास करना चाहिए, अल्प शिक्षित नेतृत्व कर्ताओं के कुकृत्यों से राष्ट्र गरिमा को सुरक्षित करना, यह दुर्लभ कंटकीर्ण मार्गं अनुसरण करते हुए, कृष्णा सुदर्शन चक्र जैसा शब्द प्रहार कर, राक्षस वृत्तियों से भारत माता को मुक्त कराना महत्वपूर्ण भूमिका निर्वहन करना अनिवार्य है, इस सर्वोत्तम कृत्य को साकार करना,परम उद्देश्य निर्धारण उत्तरदायित्व पूर्ण करना होगा, ईश्वर आपको शक्ति प्रदान कर कृतार्थ करें,मेरा अन्तर्मन भाव साकार हो, आशान्वित हूं।
आपका नतमस्तक अभिनन्दन कर्ता कवि आर सी त्यागी
निवेदिता मैम जितना आपका दिल और व्यक्तित्व सुन्दर है वैसे ही आपका कार्यक्रम और संचालन सुन्दर होता है,ये कार्यक्रम भी बहुत उत्कृष्ट,आथित्य से परिपूर्ण और अपनत्व से सराबोर था सभी को सुनकर बहुत आनन्द आया,और सर का भी बहुत बहुत आभार लगातार इतनी अच्छी फोटो खींचने के लिए,एक यादगार कार्यक्रम का हिस्सा बनाने के लिए हार्दिक आभार आपका🙏
प्यारी निवेदिता दीदी
आपके द्वारा आयोजित इस सुंदर काव्य संध्या का हिस्सा बनना मेरे लिए सचमुच बहुत सुखद और यादगार अनुभव रहा। इतनी सुंदर कविताएँ, इतने अच्छे और प्रतिभाशाली रचनाकारों से मिलना और हर एक से कुछ नया सीखना यह सब मेरे लिए बहुत विशेष रहा। पूरा आयोजन आपकी मेहनत, स्नेह और साहित्य के प्रति आपकी गहरी लगन को महसूस करा रहा था।
आपकी अपनी काव्य-प्रस्तुतियाँ भी मन को छू लेने वाली थीं। आपकी कविता में भाव भी हैं, संवेदनाएँ भी हैं और एक बहुत सुंदर सहजता भी है। जिस आत्मीयता से आप साहित्य और साहित्यकारों को जोड़ती हैं, वह वास्तव में प्रशंसनीय है।
और व्यक्तिगत रूप से कहूँ तो आप मुझे हमेशा अपनी बड़ी बहन जैसी लगी हैं। आपका सरल, सहज और प्रेम से भरा स्वभाव मन को बहुत अच्छा लगता है। आप जिस अपनत्व से सभी से मिलती हैं, उसमें कोई बनावट नहीं, बस सच्चाई और स्नेह दिखाई देता है। आज के समय में इतना निर्मल, संवेदनशील और स्नेहिल मन बहुत कम देखने को मिलता है। यही आपकी सबसे खूबसूरत बात है।
आपका यह स्नेह और अपनापन मेरे लिए हमेशा विशेष रहेगा। ईश्वर से मेरी दिल से प्रार्थना है कि आप हमेशा ऐसी ही सरल, प्रसन्न और स्नेहमयी बनी रहें, आपकी लेखनी निरंतर समृद्ध होती रहे और साहित्य के क्षेत्र में आपको खूब सम्मान और सफलता मिले।
इस सुंदर आयोजन का हिस्सा बनाने, इतना स्नेह देने और इतने खूबसूरत लोगों से मिलवाने के लिए आपको बार-बार हृदय से धन्यवाद और बहुत-बहुत आभार।
यह काव्य संध्या मेरे लिए सचमुच एक ऐसी सुंदर स्मृति बन गई है, जिसे मैं लंबे समय तक अपने मन में संजोकर रखूँगी।
साथ ही, सरिता गर्ग जी का भी इस सुंदर आयोजन में उनके महत्वपूर्ण सहयोग और योगदान के लिए हृदय से धन्यवाद एवं आभार। सरिता जी को बहुत-बहुत बधाई, शुभकामनाएँ और ढेर सारा प्यार। आपका यह स्नेह और सहयोग यूँ ही बना रहे। 🙏
स्नेह एवं आत्मीयता सहित
डॉ श्वेता त्यागी





























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